पांवटा साहिब  (एमबीएम न्यूज) : ग्राम पंचायत पातलियो के प्राचीन मन्दिर पातालेश्वर महादेव के लंगर हाल की टीने उखाडने मात्र से तनाव की स्थिति उस समय बन गयी जब सोशल मीडिया पर यह सूचना वायरल हुई। दूसरे दिन कार्यवाही करने पहुची वन विभाग की टीम  को बैरग वापस लौटना पडा। टीम के सदस्य बमुश्किल मौके से खिसकने में कामयाब हो सके। श्रद्धालुओ ने टीम को चारों ओर से घेर लिया।  मामला स्थानीय प्राचीन मन्दिर पातालेश्वर महादेव से जुडा हुआ है जहां प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद वन विभाग के डीएफओ ने कार्यवाही की।
       बताते चले कि सरकारी जमीन पर मन्दिर कमेटी द्वारा किए गए अवैध कब्जे को लेकर किसी विजय शर्मा नामक व्यक्ति ने आस पास की पंचायतो के कुछ लोगो के हस्ताक्षर करवाने के बाद उच्च न्यायालय में शिकायत की थी जिस पर कार्यवाही करते हुए न्यायालय ने जमीन खाली करवाने के आदेश वन विभाग को जारी किए हुए थे। कई माह से लगातार इस मामले मे दबाव बनाया जा रहा था किन्तु हर बार वन विभाग की टीम लोगों की भावनाओं को देखते हुए मामले में ढिलाई बरत रही थी किन्तु बढते दवाब के कारण डीएफओ पांवटा ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियेा को सख्त आदेश प्रदान करते हुए मन्दिर को छोड अन्य स्थान पर किये गये कब्जे को खाली करवाने के लिये विभाग की टीम को भेजा था जिसमें मन्दिर परिसर के एक कोने में बने लंगर हाल की टीनों को हटा दिया गया था। उसके बाद शिव भक्त बेकाबू हुए और वीरवार प्रातः देखते ही देखते मन्दिर परिसर में सैकडो की संख्या में लोग एकत्रित हो गये और उखाडी गयी टीनेा को वापस रखने की मुहिम शुरू कर दी किन्तु कुछेक बुद्धिजीवियों द्वारा युवाओ को रोक दिया गया।
        शहर भर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए एसडीएम पांवटा को ज्ञापन देने आए किन्तु एसडीएम पांवटा के मौके पर उपस्थित ना होने के कारण नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौपा गया जिसमें आगामी कार्रवाई को रोकने के लिये डीएफओ पांवटा को उचित निर्देश देने की बात कही। साथ ही शिव भक्तों ने सैकडो की संख्या में हस्ताक्षर करते हुए यह भी कहा कि यदि किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था बिगडती है तो वन विभाग के अधिकारी इसके लिये जिम्मेवार होगे।
        वही दूसरी ओर मन्दिर कमेटी ने उच्च न्यायालय से स्टे लेने की बात को भी अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन में हिन्दूवादी संगठनेा के प्रतिनिधियो सहित नगर पालिका अध्यक्षा, उपाध्यक्ष व शहर के गणमान्य नागरिक सैकडो की संख्या में उपस्थित थे।

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